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पदक नहीं तो सबक सही : India at Rio

जी हाँ..पदक नहीं तो सबक ही सही ..भारत को रियो से कुछ ना कुछ तो जरुर मिला है..अब ये हमपर निर्भर करता है कि हम इससे कितना सीखतें हैं..
इस ओलंपिक 2016 में भारत के 118 सदस्यीय दल का प्रदर्शन मेरी दुआओं के अनुसार ही चल रह है अब तक तो..(Tweet link)..हाँ मैने ये बुरी दुआ करी थी कि भारत इस ओलंपिक में एक भी पदक ना जीते..पर ऐसी दुआ मेरे दिमाग की दुआ थी..मेरे मन की तो बहुत सारी दुआऐं थी कि हर खिलाड़ी एक एक गोल्ड जीतकर लौटे....अच्छा हुआ कोई अबतक एक भी पदक नहीं जीता..और ना जीते तो और भी अच्छा...एक राज्य स्तरीय खिलाड़ी होने, एक शारीरिक शिक्षक का बेटा होने और पिछले कई वर्षों में खेलों की हालत देखने के बाद मैं ऐसी बुरी दुआ कर सकता हूँ..क्योंकि मैने अपनी आँखो से खेलों और खिलाड़ियों की बुरी हालत देखी है..समझी है..सुनी है..
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अरे एक खेल तथा उससे पैदा होने वाले खिलाड़ियों की शुरूआत सबसे निचले स्तर यानि स्कूल स्तर पर होती है..और मैने    सबसे पहला स्तर ही सबसे कमजोर पाया..नींव कमजोर तो क्या ऐसा लगता है कि नींव बनी ही नही है..
स्कूल में खेल का सामान कभी नजर नहीं आया..
गाँव की एक सरकारी स्कूल से 6-10 तक की पढाई की थी..उसमें हमारे सीनियर जिस टूटे बैट से खेले थे वही हमें मिला ..और हमारे बाद हमारे जूनियर कक्षाओं को भी उसी से खेलने का सौभाग्य मिला..
परन्तु हमारी किस्मत अच्छी थी कि गाँव में एक चाँद भैरव नामक स्टेडियम है जिसमें गाँव के युवाओं ने और पूर्व खिलाड़ीयों ने अपना कीमती समय और आर्थिक सहयोग देकर हैंडबॉल के खेल को हमारे गाँव के लिए राष्ट्रीय खेल बना दिया!
देश के सभी खेल संघ भ्रष्टाचारियों की पकड़ में सालों से जकड़े हुए है!
राजस्थान ओलंपिक असोसिएसन का अध्यक्ष 30साल से नहीं बदला..
राजस्थान क्रिकेट असोसिएसेन पर पहले ललित मोदी का कब्जा था, अब उसके बेटे को बालिग होते ही अध्यक्ष बना दिया गया!
कॉमनवेल्थ के घोटालेबाज कलमाड़ी और चौटाला को इंडियन ओलंपिक असोसिएशन ने आजीवन अध्यक्ष बना दिया!
ऐसे ही Bcci पर श्रीनी का कब्जा था, मुश्किल से हटाया तो अनुराग आया..भला हो सुप्रीम कोर्ट का जिन्होने डंडा लेकर इनको ठीक करने की ठानी है.
देश के लगभग सभी खेलसंघ राजनेताओं के हाथ में है, उनके चंगुल से इन संघो को छुड़ा लो खेलों की हालत अप्रत्याशित रूप से बदल जाएगी!
खेल सुधार की आज देश को जरूरत है, वो भी वैसे ही जैसे बेनामी संपंति या कालाधन पर कम करने में तेजी आई है!
खेल को सुधार लो, देश नशामुक्त हो जाएगा, बेरोजगारी कम हो जाएगी, कई परिवारों की जिंदगी बदलने की ताकत रखतें हैं खेल!
उम्मीद है प्रधानमंत्री खेलों को बढावा देंगे, और खेलों के शुरूआती स्तर प्राथमिक-माध्यमिक स्कूलों पर ध्यान देंगे!

इसिलिए कहा है-"पदक नहीं तो सबक सही"
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ब्लॉग पढने का शुक्रिया, अपनी राय जरूर दें..
और ब्लॉग पब्लिश में देरी के लिए माफी.

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